Maharashtra Election 2026

 

महाराष्ट्र में  15 जनवरी को 29 महानगरपालिकाओं के लिए मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया।
यह चुनाव राज्य की राजनीति के लिहाज़ से बेहद अहम माना जा रहा है, खासकर मुंबई की बृहण मुंबई महानगर पालिका (BMC) के लिए, जो देश की सबसे बड़ी और सबसे अमीर म्युनिसिपल कॉरपोरेशनों में से एक है।
बीएमसी पर सियासी जंग

Clebs 

इस बार बीएमसी चुनाव में मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी और शिंदे गुट की शिवसेना के खिलाफ उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के गुटों के बीच देखने को मिल रहा है।
करीब 20 साल बाद राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे एक साथ राजनीतिक मंच पर नजर आए, जिससे यह चुनाव और भी दिलचस्प हो गया है।
मतदान का हाल

Voting

मतदान सुबह 7:30 बजे शुरू होकर शाम 7:30 बजे तक चला
दोपहर 3:30 बजे तक करीब 41% मतदान दर्ज किया गया
बीएमसी के 227 वार्डों के लिए लगभग 1700 उम्मीदवार मैदान में हैं
राज्यभर की 29 महानगरपालिकाओं में पुणे, पिंपरी-चिंचवड़, ठाणे, नवी मुंबई, नागपुर, नासिक, कोल्हापुर समेत कई बड़े शहर शामिल हैं।
चुनावी मुद्दे
इस चुनाव में मराठी अस्मिता, मुंबई की स्थानीय पहचान और विकास प्रमुख मुद्दे रहे।
मतदाताओं का कहना है कि वे आरोप-प्रत्यारोप नहीं, बल्कि विकास चाहते हैं।
“लोग पूरी तरह विकास चाहते हैं। हमारा एजेंडा विकास का है और हम उसी पर चुनाव लड़ रहे हैं।”
चुनावी व्यवस्था पर सवाल
कुछ स्थानों पर मतपत्रों और चुनाव चिन्हों में गड़बड़ी को लेकर सवाल उठे, जिस पर चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि
“2012 से यही व्यवस्था लागू है।”
विपक्षी दलों की ओर से ईवीएम और प्रक्रिया पर उठ रहे सवालों को सत्तापक्ष ने हार के डर से जुड़ा बहाना बताया।
राजनीतिक अहमियत
2022 में शिवसेना के विभाजन के बाद यह उद्धव ठाकरे गुट का बीएमसी में पहला चुनाव है।
बीएमसी पर नियंत्रण किसी भी गठबंधन के लिए राजनीतिक ताकत और आर्थिक संसाधनों के लिहाज़ से बेहद बड़ा लाभ देता है।
पिछला चुनाव और इतिहास
2017 के बीएमसी चुनावों में शिवसेना सबसे बड़ी पार्टी बनी थी
ऐतिहासिक रूप से मुंबई पर लंबे समय तक शिवसेना का वर्चस्व रहा है
जहां दुनिया के कई देशों में राजनीतिक अस्थिरता देखने को मिल रही है, वहीं दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत में आज से 2026 के चुनावी सीजन की औपचारिक शुरुआत हो चुकी है।


BMC Election 2026: मुंबई का किंग कौन?

एग्जिट पोल्स, ठाकरे टेस्ट और सत्ता की असली जंग

एक तरफ देश 2026 के बड़े चुनावी साल की ओर बढ़ रहा है, पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं और दूसरी तरफ सियासी माहौल पहले ही गरमा चुका है। कश्मीर से लेकर कारगिल तक अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों की गूंज सुनाई दे रही है, वहीं भारत के भीतर भी राजनीति पूरी तरह चुनावी मोड में आ चुकी है।

इसी माहौल के बीच आज एक ऐसा चुनाव हुआ, जो देखने में तो सिर्फ एक शहर का चुनाव लगता है, लेकिन असल में इसकी ताकत कई देशों से भी ज्यादा है। हम बात कर रहे हैं मुंबई की बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के चुनाव की।

क्यों इतना अहम है BMC चुनाव?

मुंबई सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि भारत की आर्थिक राजधानी है। BMC का बजट और राजनीतिक प्रभाव ऐसा है कि इसकी तुलना सीधे-सीधे राज्यों और देशों से की जाती है। यही वजह है कि यह चुनाव सिर्फ मुंबई का नहीं, बल्कि पूरे देश की सियासत की दिशा तय करने वाला चुनाव माना जा रहा है।

ठाकरे बंधुओं की वापसी

बीजेपी और एकनाथ शिंदे की शिवसेना से मुकाबले के लिए उद्धव ठाकरे ने करीब 20 साल बाद अपने भाई राज ठाकरे से हाथ मिलाया।

यह सिर्फ गठबंधन नहीं, बल्कि ठाकरे परिवार के राजनीतिक अस्तित्व की लड़ाई है।

यह चुनाव परख रहा है कि:

क्या ठाकरे नाम आज भी मुंबई की राजनीति में वही असर रखता है?

क्या मराठी वोट एकजुट हुआ है?

देवेंद्र फडणवीस की अग्निपरीक्षा

यह चुनाव मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की राजनीतिक ताकत की भी परीक्षा है, क्योंकि:

आज तक मुंबई में बीजेपी का मेयर नहीं बना

अगर इस बार जीत होती है, तो यह बीजेपी के लिए ऐतिहासिक होगी

वहीं कांग्रेस की बात करें तो 1995 के बाद से कांग्रेस मुंबई में मेयर नहीं बना पाई है। सवाल यही है—क्या इस बार कोई चमत्कार होगा?

Axis My India Exit Poll: क्या कहता है डेटा?

पुरुष–महिला वोटिंग ट्रेंड

BJP+ (फडणवीस–शिंदे):

पुरुष: 40%

महिलाएं: 44%

UBT+ (ठाकरे ब्रदर्स):

पुरुष: 33%

महिलाएं: 31%

कांग्रेस: 13%

अन्य: 12–14%

स्पष्ट है कि पुरुष और महिलाएं—दोनों ही वर्गों में BJP+ को बढ़त दिख रही है।

जाति और समुदाय के आधार पर रुझान

BJP+ को समर्थन

मराठी: 30%

उत्तर भारतीय (हिंदी भाषी): 68%

दक्षिण भारतीय: 61%

मुस्लिम: 12%

ठाकरे ब्रदर्स (UBT+)

मराठी: 49%

उत्तर भारतीय: 19%

दक्षिण भारतीय: 21%

मुस्लिम: 28%

कांग्रेस

मुस्लिम वोट: 41% (सबसे ज्यादा)

कुल वोट शेयर (Axis My India)

BJP+ : 42%

UBT+ : 32%

कांग्रेस : 13%

अन्य : 13%

सीटों का अनुमान (227 वार्ड)

BJP+ : 131–151

UBT+ : 58–68

कांग्रेस : 12–16

अन्य : 6–12

यानी एग्जिट पोल्स में महायुति की प्रचंड जीत दिखाई दे रही है।

Poll of Polls: सभी सर्वे का औसत

BJP गठबंधन: 128–134 सीट

ठाकरे गठबंधन: 57–67 सीट

कांग्रेस: 18–22 सीट

अन्य: 8–13 सीट

लगभग सभी एजेंसियों के आंकड़े एक-दूसरे से मेल खाते हैं।

BMC: सत्ता का पावर इंजन

BMC बजट (2025–26): ₹74,427 करोड़

भारत के 9 राज्यों के बजट से ज्यादा

तुलना करें:

दिल्ली MCD: ₹17,600 करोड़

कोलकाता: ₹5,639 करोड़

चेन्नई: ₹8,405 करोड़

मुंबई की ताकत

अनुमानित GDP: ₹25.73 लाख करोड़

भारत की GDP में योगदान: 6%+

टैक्स कलेक्शन में योगदान: 30%+

एशिया के सबसे ज्यादा 92 अरबपति

दुनिया की सबसे बड़ी फिल्म इंडस्ट्री

धारावी: एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती

यही वजह है कि जिसके हाथ मुंबई, उसकी सियासी हैसियत देशभर में बढ़ जाती है।

सियासी संकेत

BJP पहली बार मुंबई में मेयर बना सकती है

ठाकरे बंधुओं की एकता से अपेक्षित फायदा नहीं

तीन दशक बाद ठाकरे परिवार की BMC से विदाई संभव

एकनाथ शिंदे मराठा राजनीति के नए पावर सेंटर

मुंबई ने कट्टर बयानबाज़ी को सीमित समर्थन दिया

अब आगे क्या?

मतगणना: कल सुबह 10 बजे

तभी साफ होगा—

मुंबई का किंग कौन?

ठाकरे परिवार किला बचा पाया या नहीं?

No comments:

Powered by Blogger.